शक्ति की आराधना: देवी भागवत पुराण का आध्यात्मिक महत्व | श्री हितेंद्र कृष्ण जी महाराज
सनातन धर्म में शक्ति की उपासना के बिना शिव और जीव दोनों अधूरे हैं। परम श्रद्धेय श्री हितेंद्र कृष्ण जी महाराज के अनुसार, श्रीमद्देवीभागवत महापुराण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि साक्षात जगदंबा का वांग्मय स्वरूप है। इस पुराण के श्रवण से मनुष्य के भीतर सोई हुई चेतना जाग्रत होती है और उसे संसार के भय से मुक्ति मिलती है।
देवी भागवत श्रवण के अलौकिक लाभ
महाराज जी अपनी ओजस्वी वाणी में समझाते हैं कि माँ भगवती की कृपा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।
संकटों का नाश: जैसे माँ दुर्गा ने असुरों का संहार कर देवताओं को निर्भय किया, वैसे ही देवी भागवत की कथा भक्त के जीवन के आंतरिक शत्रुओं (काम, क्रोध, लोभ) का नाश करती है।
नारी शक्ति का सम्मान: महाराज जी इस कथा के माध्यम से समाज को संदेश देते हैं कि जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है।
मनोकामना पूर्ति: नवरात्रि या विशेष अवसरों पर देवी भागवत का पाठ और श्रवण करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है।
गुरु गृह सेवा धाम में शक्ति उपासना
गुरु गृह सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के अंतर्गत निर्मित हो रहे “गुरु गृह सेवा धाम” में सेवा और साधना का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। महाराज जी के सानिध्य में यहाँ कन्या पूजन और महिला सशक्तिकरण के कार्य निरंतर किए जाते हैं। महाराज जी का मानना है कि असहाय कन्याओं की सेवा ही माँ भगवती की सच्ची पूजा है।
महाराज जी से जुड़ें
यदि आप भी अपने जीवन में माँ जगदंबा की असीम कृपा प्राप्त करना चाहते हैं और अपनी आध्यात्मिक उन्नति करना चाहते हैं, तो महाराज जी के सानिध्य में होने वाले आगामी आयोजनों से जुड़ें।
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आधिकारिक वेबसाइट: www.hitendrakrishnji.info

